चारबाग रेलवे स्टेशन
दोस्तों हाल ही में मैं मुम्बई जा रहा था । मेरी ट्रेन लगभग 3 घण्टे विलम्ब थी । तो मैने सोचा चलो क्यों न हम स्टेशन घूम ले और कुछ रास्ते मे खाने के लिये भी ले लिया जाए । मैं जब समान लेने गया तो देखा कि एक छोटा सा लड़का करीब 12 से 13 साल का होगा वो एक आदमी की पर्स चुरा के भाग रहा था । जब इतने में उस आदमी में सोर मचाया ओर उस लड़के को दौडा लिया तो पुलिस भी उस लड़के को पकड़ने के लिए दौड पड़ी । फिर वो लड़का भाग ही रहा था की हमने देखा उस लड़के के पास से एक पर्स और दौडते समय गिर गया । तो उस पर्स को उठाकर एक लड़के ने उस आदमी को देने गया तो उस आदमी ने उस पर्स को लेने से मना कर दिया और बोला कि यह पर्स मेरा नही । तब तक एक पुलिस वाले ने वो पर्स ले ली और चुप चाप अपने पास रख लिया । और फिर इधर वो लड़का भी पकड़ा गया । और उस आदमी की पर्स भी मिल गई ।
लेकिन या बात यही नही खतम होती है । अब यहाँ की सुरक्षा प्रशासन ने उस लड़के को पकड़ कर उस आदमी का पर्स लौटाकर और भी उसके पास कुछ सामान था वो सब लेके पुलिस ने उसको छोड़ दिया । और थोड़ी देर बाद वही लड़का हमने देखा फिर रेलवे स्टेशन पर घूम रहा था । और उसके साथ मे कई और लड़के थे । और इन लड़को की प्लानिंग यही रहती थी कि जब कोई ट्रेन जाने वाली होती थी तभी वो अपना हाथ साफ करते है।
अब मैं ऐसे किरदार को देखा जो कि रौंगटे खड़ी कर देने वाली है । रात के 11 बजे थे मेरे पास में एक नवजवान लड़का नीचे पॉलिथीन बिछाये वो खाना खाने जा रहा था । तभी एक छोटा लड़का करीब वो भी 13 साल का होगा वो आया और हमसे कहने लगा कि मुझे भूख लगी है मुझे कुछ देदो तो हमने उसे 2 रुपये दे दिया फिर वो आगे बढ़ा और उस नवजवान लड़के से यही बात कही तो वो लड़का उसे पैसे न देकर उसको अपने खाने में से उसको भी खाना दे दिया और फिर वो दोनो कहना खाने लगे । मैं बैठा ये सब देख रहा था । उस छोटे लड़के ने एक पराठा खाया और जोर - जोर से पेट पकड़ कर रोने लगा । और चिल्लाने लगा कि इतने में वहाँ पे और भी भिखारी और दुकानदार और भी लोग आ गए । और उस नवजवान लड़के को पकड़ ली उसे एक दो थप्पड़ भी लगा दिये । उसके बाद उसे ब्लैकमेल करने लगे कि इसको क्या मिला के खिला दिया है वो तड़प रहा है अब इसके इलाज के पैसे तुम्ही को देना होगा दुनिया भर का नाटक करने लगे । उस नवजवान लड़के की एक बात भी नही सुनी । और लड़का भी पूरी तरीके से घबरा गया । और वो भी रोने लगा । क्योंकि उसकी तरफ कोई बोलने वाला नही नाही कोई उसकी बात सुनने वाला था । अन्त में जब नवजवान लड़के ने जब 500 रुपये निकाल कर दे दिया तो वो लड़का भी चुप हो गया और सारा मामला शांत हो गया।
लेकिन या बात यही नही खतम होती है । अब यहाँ की सुरक्षा प्रशासन ने उस लड़के को पकड़ कर उस आदमी का पर्स लौटाकर और भी उसके पास कुछ सामान था वो सब लेके पुलिस ने उसको छोड़ दिया । और थोड़ी देर बाद वही लड़का हमने देखा फिर रेलवे स्टेशन पर घूम रहा था । और उसके साथ मे कई और लड़के थे । और इन लड़को की प्लानिंग यही रहती थी कि जब कोई ट्रेन जाने वाली होती थी तभी वो अपना हाथ साफ करते है।
अब मैं ऐसे किरदार को देखा जो कि रौंगटे खड़ी कर देने वाली है । रात के 11 बजे थे मेरे पास में एक नवजवान लड़का नीचे पॉलिथीन बिछाये वो खाना खाने जा रहा था । तभी एक छोटा लड़का करीब वो भी 13 साल का होगा वो आया और हमसे कहने लगा कि मुझे भूख लगी है मुझे कुछ देदो तो हमने उसे 2 रुपये दे दिया फिर वो आगे बढ़ा और उस नवजवान लड़के से यही बात कही तो वो लड़का उसे पैसे न देकर उसको अपने खाने में से उसको भी खाना दे दिया और फिर वो दोनो कहना खाने लगे । मैं बैठा ये सब देख रहा था । उस छोटे लड़के ने एक पराठा खाया और जोर - जोर से पेट पकड़ कर रोने लगा । और चिल्लाने लगा कि इतने में वहाँ पे और भी भिखारी और दुकानदार और भी लोग आ गए । और उस नवजवान लड़के को पकड़ ली उसे एक दो थप्पड़ भी लगा दिये । उसके बाद उसे ब्लैकमेल करने लगे कि इसको क्या मिला के खिला दिया है वो तड़प रहा है अब इसके इलाज के पैसे तुम्ही को देना होगा दुनिया भर का नाटक करने लगे । उस नवजवान लड़के की एक बात भी नही सुनी । और लड़का भी पूरी तरीके से घबरा गया । और वो भी रोने लगा । क्योंकि उसकी तरफ कोई बोलने वाला नही नाही कोई उसकी बात सुनने वाला था । अन्त में जब नवजवान लड़के ने जब 500 रुपये निकाल कर दे दिया तो वो लड़का भी चुप हो गया और सारा मामला शांत हो गया।
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