विभाग की लापरवाही से हुआ हादसा
बाराबंकीः एचटी लाइन के तार की चपेट में आने से किसान की मौतविभाग की लापरवाही से ह
बाराबंकी। स्पार्किंग करने के बाद खेत में गिरे एचटी लाइन के तार की चपेट में आकर एक किसान की मौके पर ही मौत हो गई। आस-पास खेतों में काम कर रहे किसानों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को इकट्ठा कर लिया। ग्रामीणों ने पावर हाउस चंदौली व पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना देने के बाद भी 20 मिनट तक तार में करंट दौड़ता रहा। किसानों में आक्रोश बढ़ता देख पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बजाए उसे जिला अस्पताल पहुंचा दिया।
20 मिनट तक तार में करंट दौड़ता रहा
जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बंधौली निवासी किसान राम कैलाश रविवार की सुबह छह बजे अतरोरा गांव के पॉलीटेक्निक के पास खेत में मेंथा की गोड़ाई करने गया हुआ था। किसान गांव के ही शिव शंकर रावत का दो बीघा खेत बटाई ले रहा था। पास के खेत में दुर्गेश, बालकराम, उमेश, मायादेवी, कल्लू आदि भी खेतों में काम कर रहे थे। खेत के ऊपर से काफी पुरानी एचटी लाइन निकली है। खेतों में काम रहे किसानों का कहना है कि अचानक तेज आवाज के साथ तार स्पार्किंग करने लगे। सभी लोग सड़क की ओर भागने लगे। रामकैलाश भागते समय खेत के चारो ओर लगे कटीले तार के बीच से निकलने लगा कि तब तक बिजली का तार टूटकर उसी कटीले तारों पर जा गिरा। करंट की चपेट में आने पर किसान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना चंदौली पावर हाउस व पुलिस को दी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो सूचना के 20 मिनट तक तार में करंट दौड़ता रहा और रामकैलाश उसी में चिपका रहा। सूचना पर पहुंचे भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह ने पावर कार्पोरेशन के अधिकारियों को फोनकर लाइन कटवाई। किसानों को आक्रोशित होता देख मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को जबरन जिला अस्पताल पहुंचा दिया। यहां से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
विभाग की लापरवाही से हुआ हादसा
ग्रामीणों का कहना है कि चंदौली पावर हाउस से सीधे हैदरगढ़ आपूर्ति के लिए यह लाइन करीब 45 साल पहले खींची गई थी। तब से एक बार की इसके तार नहीं बदले गए हैं। चार साल पूर्व इसी लाइन का तार टूटकर गिरा था जिससे सैंकड़ो बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हुई थी व कई मवेशियों की मौत भी हुई थी। कई बार तार बदलवाने की मांग की गई लेकिन इस ओर अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। एचटी लाइन का तार टूटकर गिरने से किसान की मौत होने की जानकारी मिली है। मृतक किसान के परिवारीजनों को पावर कार्पोरेशन की ओर आर्थिक सहायता के रूप में सोमवार को पांच लाख रुपये का चेक दिया जाएगा।
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देश में जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की विविधता में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. मौसम का अभी संक्रमण काल चल रहा है यह कब तक नियत हो जायेगा यह कहना अभी जल्दबाजी होगी. पर मौसम की विविधता का कृषि कार्यों और फलस्वरूप उत्पादन से काफी गहरा रिश्ता है. यह रिश्ता भारत में उगाई जाने वाली फसलों पर कुछ ज्यादा ही दिखता है.
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Thanks Maria Reese
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